shayri lovely

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shayri lovely

मोहब्बत के जो निभाते हैं उन को मेरा सलाम है|
 जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको मेरा पैगाम है|
वादा वफ़ा करो तो खुद को फना करो|
वरना किसी की जिंदगी बर्बाद ना करें|

shayri lovely,mohbbat Ko Jo nibhate Hain unko Mera Salam hai|Jo bich Raste Mein Chhod Jaate Hain unko Mera Paigam hai|vada Wafa karo to Khud Ko Fanaa karo|Varna Kisi Ki Jindagi Barbad Na Karo|

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दिल पर क्या गुजरी वह अनजान क्या जाने प्यार किसे कहते| हैं वह नादान क्या जाने हवा के साथ उड़ गए घर इस परिंदे का|
 कैसे बना था घोसला वह तूफान क्या जाने|

 Dil per kya Gujari vah Anjan Kya Jaane|
Pyar Kise Kahate Hai o Nadan Kya Jaana|
 Hawa Ke Sath Ud Gaya Ghar is Parinde ka|
Kaise banaa tha ghosla vah tufan Kya Jaane|

shayri lovely

कौन कहता है हम उसके बिना मर जाएंगे|
हम दरिया  है समुंदर में उतर जायेंगे|
वह तरस जायेंगे प्यार की एक बूंद के लिए|
हम तो बादल हैं प्यार के किसी और पर बरस जाएंगे|

shayri lovely,Kaun Kahta Hai Ham Uske Bina Mar Jaenge|Ham Dariya Hain Samundar Mein Utar Jaenge|Vah Taras Jayenge Pyar ki Ek Boond Ke Liye|Hum To Badal Hai Pyar Ke  Kisi Aur per Baras Jaenge|



shayri lovely


जिंदगी में बार बार सहारा नहीं मिलता|
 बार-बार जान से प्यारा नहीं मिलता|
 है जो पास में उसे संभाल के रखना सीखो|
 होकर वह फिर दोबारा नहीं मिलता|

 Jindagi Mein Bar Bar Sahara Nahin Milta|
Bar Bar jaan se pyara Nahin Milta|
Hai Jo Pass me Usse Sambhal Ke Rakhna Sikho|
Hokar vah FIR Dobara Nahin Milta|

shayri lovely

इश्क सभी को जीना सिखा देता है|
वफा के नाम पर मरना सिखा देता है|
इश्क नहीं किया तो करके देखो|
 जालिम हर दर्द सहना सिखा देता है|

Ishq sabhi ko Jina Sikha Deta hai|
Wafa Ke Naam Par Marna Sikha deta hai|
Ishq nahin kiya to Karke Dekho|
jalim Hardas Se Na Sikha deta hai|

shayri lovely

बिना देखे मैं तुझसे प्यार कर बैठा बस मैं यही गुनाह कर बैठा|
 मिलना तो तुझसे किस्मत को मंजूर नहीं था मैं सब कुछ जानते हुए फिर भी तुझसे मोहब्बत बेपनाह कल बैठा|
 अगर मंजूर हुआ किस्मत को तो फूल फिर इस दिल में खिलेंगे | बिछड़े हुए दो दिल फिर से मिलेंगे|
 अगर मिल ना पाए इस जन्म में तो क्या हुआ|
 हम तो आशिक हैं फिर मिलेंगे किसी और जन्म

shayri lovely, Bina Dekhe main Tujhse Pyar Kar Baitha|Bus mein Yahi Gunah  kar Baitha|Milna to Tujhse Kismat Ko manjur Na Tha|Main sab Kuchh Jante hue Fir Bhi Tujhse Mohabbat Bepanah kar Baitha|Agar manjur Hua Kismat ko To Fool fir iss dil  me Khilenge|Bichde Hue Do Dil fir se Milenge|Agar Mil Na Paye iss Janm Mein To Kya Hua|Ham to Aashiq hai FIR milenge Kisi Aur Janam Mein|



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